Book

Author(s): लक्ष्मी

Email(s): laxmichandrakar2196@gmail.com

Address: लक्ष्मी
सहायक प्राध्यापक अपोलो महाविद्यालय अंजोरा, दुर्ग, छत्तीसगढ़

Published In:   Book, शैक्षिक अनुसंधान एवं शोध पद्धति (Educational Research and Research Methodology)

Year of Publication:  August, 2026

Online since:  August 15, 2026

DOI: Not Available

ABSTRACT:
सहसंबंध दो अथवा दो से अधिक चरों के मध्य संबंध की दिशा एवं मात्रा का सांख्यिकीय मापक है। यह धनात्मक, ऋणात्मक अथवा शून्य हो सकता है। पियर्सन का गुणनफल आघूर्ण सहसंबंध एवं स्पीयरमैन का क्रमांतर सहसंबंध इसकी प्रमुख विधियाँ हैं। सहसंबंध का उपयोग शैक्षिक अनुसंधान में चरों के मध्य संबंधों का अध्ययन करने, भविष्यवाणी करने तथा परीक्षणों की वैधता एवं विश्वसनीयता ज्ञात करने में व्यापक रूप से किया जाता है। यद्यपि सहसंबंध संबंध को व्यक्त करता है, परंतु यह कारण-कार्य संबंध सिद्ध नहीं करता।


Cite this article:
लक्ष्मी. सहसंबंध : अवधारणा प्रकार एवं उपयोग. शैक्षिक अनुसंधान एवं शोध पद्धति (Educational Research and Research Methodology) (Book). 2026; 1(1): 309-315. ISBN -978-81-997864-6-2


संदर्भ ग्रंथ सूची

·       गैरेट, एच. . (2017) मनोविज्ञान एवं शिक्षा में सांख्यिकी

·       गिलफोर्ड, जे. पी. (2018) मनोविज्ञान एवं शिक्षा में सांख्यिकी के मूल सिद्धांत

·       क्रॉक्सटन, एफ. . एवं काउडेन, डी. जे. (2018) अनुप्रयुक्त सामान्य सांख्यिकी

·       यूल, जी. यू. एवं केंडल, एम. जी. (2019) सांख्यिकी के सिद्धांत का परिचय

·       मंगल, एस. के. (2021) मनोविज्ञान एवं शिक्षा में सांख्यिकी

·       सिंह, . के. (2022) व्यवहारपरक विज्ञानों में परीक्षण, मापन एवं अनुसंधान विधियाँ

·       बेस्ट, जे. डब्ल्यू. एवं कान, जे. वी. (2016) शिक्षा में अनुसंधान

·       शर्मा, आर. . (2021) शिक्षा अनुसंधान के मूलतत्त्व

·       गुप्ता, एस. पी. (2021) सांख्यिकीय विधियाँ





Author/Editor Information

Dr. Rakhi Sharma

Assistant Professor (M.Ed.), Apollo College, Anjora, Durg, Chhattisgarh