ABSTRACT:
सहसंबंध दो अथवा दो से अधिक चरों के मध्य संबंध की दिशा एवं मात्रा का सांख्यिकीय मापक है। यह धनात्मक, ऋणात्मक अथवा शून्य हो सकता है। पियर्सन का गुणनफल आघूर्ण सहसंबंध एवं स्पीयरमैन का क्रमांतर सहसंबंध इसकी प्रमुख विधियाँ हैं। सहसंबंध का उपयोग शैक्षिक अनुसंधान में चरों के मध्य संबंधों का अध्ययन करने, भविष्यवाणी करने तथा परीक्षणों की वैधता एवं विश्वसनीयता ज्ञात करने में व्यापक रूप से किया जाता है। यद्यपि सहसंबंध संबंध को व्यक्त करता है, परंतु यह कारण-कार्य संबंध सिद्ध नहीं करता।
Cite this article:
लक्ष्मी. सहसंबंध : अवधारणा प्रकार एवं उपयोग. शैक्षिक अनुसंधान एवं शोध पद्धति (Educational Research and Research Methodology) (Book). 2026; 1(1): 309-315. ISBN -978-81-997864-6-2
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