‘शैक्षिक अनुसंधान एवं शोध पद्धति’ शिक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान की अवधारणाओं, प्रक्रियाओं और सांख्यिकीय तकनीकों को सरल, क्रमबद्ध एवं व्यावहारिक रूप में प्रस्तुत करने वाली एक उपयोगी पुस्तक है। इसके 30 अध्यायों में शैक्षिक अनुसंधान के अर्थ, प्रकृति, आवश्यकता, महत्त्व एवं क्षेत्र से लेकर शोध प्रतिवेदन लेखन तक की संपूर्ण प्रक्रिया को समाहित किया गया है।
पुस्तक में वैज्ञानिक जाँच एवं सिद्धांत, ज्ञानमीमांसा, अनुसंधान के दार्शनिक आधार, अनुसंधान के प्रकार, गुणात्मक, मात्रात्मक एवं मिश्रित अनुसंधान, शोध प्रतिमान, शोध समस्या, चर, परिकल्पना, शोध प्रस्ताव तथा अनुसंधान अभिकल्प जैसे आधारभूत विषयों की स्पष्ट व्याख्या की गई है। इसके अतिरिक्त साहित्य समीक्षा, जनसंख्या एवं निदर्शन, निदर्शन प्रविधियाँ, अनुसंधान उपकरण, मापन एवं मूल्यांकन, मानकीकरण, वैधता, विश्वसनीयता तथा वस्तुनिष्ठता से संबंधित विषयों को भी उदाहरणों सहित प्रस्तुत किया गया है।
आँकड़ों के संकलन, वर्गीकरण, सारणीकरण, प्रस्तुतीकरण, विश्लेषण एवं व्याख्या के साथ-साथ वर्णनात्मक एवं अनुमानात्मक सांख्यिकी, केन्द्रीय प्रवृत्ति के माप, सहसंबंध तथा सार्थकता परीक्षण को सहज भाषा में समझाया गया है। पुस्तक का अंतिम भाग शोध प्रतिवेदन लेखन, अनुसंधान नैतिकता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता-सहायित अनुसंधान के उत्तरदायी उपयोग पर केंद्रित है, जो इसे वर्तमान शैक्षिक परिदृश्य में विशेष रूप से प्रासंगिक बनाता है।
यह पुस्तक बी.एड., एम.एड., स्नातकोत्तर एवं शोध-पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षक-शिक्षकों और शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत अध्येताओं के लिए उपयोगी संदर्भ सामग्री है। सैद्धांतिक स्पष्टता और व्यावहारिक उपयोगिता का संतुलित समन्वय इसकी प्रमुख विशेषता है।