ABSTRACT:
अनुसंधान के दार्शनिक आधार शैक्षिक अनुसंधान की दिशा, उद्देश्य, पद्धति एवं निष्कर्षों को प्रभावित करते हैं। तत्त्वमीमांसा वास्तविकता की प्रकृति को स्पष्ट करती है, ज्ञानमीमांसा ज्ञान की वैधता एवं स्रोतों को समझाती है, मूल्यमीमांसा अनुसंधान की नैतिकता निर्धारित करती है तथा पद्धतिशास्त्र अनुसंधान की प्रक्रिया को दिशा प्रदान करता है। आदर्शवाद, यथार्थवाद, प्राकृतिकवाद, व्यवहारवाद एवं अस्तित्ववाद जैसे दार्शनिक दृष्टिकोण शैक्षिक अनुसंधान को वैचारिक आधार प्रदान करते हैं। आधुनिक समय में अनुसंधान को अधिक मानवीय, नैतिक एवं सामाजिक रूप से उत्तरदायी बनाने में इन दार्शनिक आधारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
Cite this article:
लीलाधर साहू. शिक्षा में अनुसंधान के दार्शनिक आधार. (Educational Research and Research Methodology) (Book). 2026; 1(1): 41-52. ISBN -978-81-997864-6-2
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